किसानों की आय में बड़ा  उछाल आ गया हैं, बिहार का मखाना बना एक तरह के ग्लोबल ब्रांड पूरा पढ़िए

किसानों की आय में बड़ा उछाल हुआ है, बिहार का मखाना बनाने वाला अंतरराष्ट्रीय ब्रांड बिहार का मखाना वित्तीय वर्ष 2025–26 में एक मजबूत ब्रांड बन गया।

किसानों की आय में बड़ा उछाल हुआ है, बिहार का मखाना बना ग्लोबल ब्रांड बिहार का मखाना वित्तीय वर्ष 2025–26 में एक मजबूत देशी और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड बन गया। राज्य और केंद्र सरकार दोनों ने मिलकर मखाना को वैश्विक ख्याति दी है। सरकारी निर्यात कार्यक्रमों और योजनाओं के कारण मखाना किसानों की आय में भारी वृद्धि हुई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।

मिथिला मखाना दुबई चला गया उनकी मांग

पूर्णिया जिले से पहली बार जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना दुबई (संयुक्त अरब अमीरात) भेजा गया। 21 जनवरी 2026 को 2 मीट्रिक टन की एक ऐतिहासिक खेप रवाना हुई। निर्यात को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, बिहार सरकार और एपीडा, पटना ने मिलकर संपन्न किया।

अब बिहार अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स के मानकों पर खरा उतर रहा है, इसका उदाहरण समुद्री निर्यात है। इससे उद्यमियों और किसानों को नए बाजार मिलने लगे हैं।

किसानों को राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना से लाभ

केंद्र सरकार ने सितंबर 2025 में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का गठन किया, जो राज्य के लगभग 5 लाख मखाना किसानों को बड़ा लाभ दिया है। बिहार देश के मखाना उत्पादन का लगभग 85 प्रतिशत है। 15 सितंबर 2025 को इस बोर्ड का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्णिया में किया था। बोर्ड के गठन से व्यापार, प्रक्रिया, मूल्यवृद्धि और निर्यात में सुधार हुआ है।

476 करोड़ रुपये की मखाना विकास योजना से लाभ मिलेगा

केंद्रीय मखाना विकास योजना, जिसका बजट 476.03 करोड़ रुपये है, 2025 से 2021 तक लागू होगी। गुणवत्ता युक्त बीज, किसानों को प्रशिक्षण, नवीनतम कटाई-प्रसंस्करण तकनीक, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात इस योजना का हिस्सा होंगे।

मखाना खेती का क्षेत्रफल तीन गुना बढ़ा

बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री बागवानी मिशन और सरकारी प्रोत्साहन से मखाना उत्पादन में तेजी आई है। 2012 में मखाना खेती का क्षेत्र लगभग 13,000 हेक्टेयर था, लेकिन आज लगभग 35,000 हेक्टेयर है। मखाना उत्पादन के प्रमुख केंद्र दरभंगा, मधुबनी, कटिहार, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा और खगड़िया जिले हैं।

ब्रांड बिहार की तरफ बढ़ रहा है मखाना

कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने खुशी से कहा कि वित्तीय वर्ष 2025–26 बिहार के मखाना के लिए ऐतिहासिक होगा। जीआई टैग प्राप्त मिथिला मखाना का दुबई तक समुद्री मार्ग से निर्यात एक बड़ी उपलब्धि है। राष्ट्रीय मखाना बोर्ड और मखाना विकास योजना ने उत्पादन, प्रसंस्करण और निर्यात को नई दिशा दी है।

लाखों किसानों का जीवन स्तर और आय दोनों सुधर रहे हैं। ताकि बिहार राज्य वैश्विक स्तर पर मखाना उत्पादन और निर्यात का प्रमुख केंद्र बन सके, बिहार सरकार मखाना को “ब्रांड बिहार” के रूप में स्थापित करने की निरंतर कोशिश करती है।

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