असम निर्वाचन: कांग्रेस ने जनता से वादा किया कि वह “राहत बनाम सुरक्षा” की सीधी लड़ाई में भाग लेगी, जबकि बीजेपी इस तरह से अपने मतदाताओं को साधेगी
कांग्रेस ने अपने 'गारंटी मॉडल' का उल्लेख करते हुए इस बार असम विधानसभा चुनाव में 'राहत बनाम सुरक्षा' की बहस छिड़ी है। वहीं, बीजेपी ने सुरक्षा और स्थिरता के नाम पर वोटरों को साधने में अवैध घुसपैठ, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान को अपना मुख्य हथियार बनाया है।
न्यू दिल्ली: असम में दो नेरेटिव पर चुनाव हो रहे हैं। कांग्रेस का नेरेटिव “राहत” है और बीजेपी का नेरेटिव “सुरक्षा” है। कांग्रेस राहत, गारंटी और बदलाव की बात करके सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। बीजेपी ने सुरक्षा, स्थिरता और पहचान को अपनी पहली प्राथमिकता बनाया है।

कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में की प्रतिज्ञा
- कांग्रेस ने इस चुनाव में मदद की राजनीति पर पूरी तरह से ध्यान दिया है।
- पार्टी का घोषणापत्र एक उदाहरण है। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में महिलाओं, गरीबों और निम्न आय वर्ग को सीधे लाभ देने का वादा किया है। कांग्रेस ने दूसरे राज्यों में भी यह गारंटी मॉडल लागू किया और कुछ हद तक कामयाब रहा।
- पार्टी भी असम में इसी तरह मतदाताओं को बताने की कोशिश कर रही है कि कांग्रेस ही उनकी आर्थिक समस्याओं को हल कर सकती है।
बीजेपी पर लगातार लगाए जा रहे आरोप
कांग्रेस ने “नया असम” बनाने का भी आह्वान किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राज्य को डर और दबाव की राजनीति से मुक्त शासन की जरूरत है। कांग्रेस ने बीजेपी पर संस्थाओं का दुरुपयोग करने और लोकतंत्र को कमजोर करने का लगातार आरोप लगाया है।
बीजेपी ने घुसपैठ को एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनाया
- दूसरी ओर, बीजेपी की चुनावी रणनीति में घुसपैठ का मुद्दा महत्वपूर्ण है। बीजेपी इसे अपने अस्तित्व और पहचान से जोड़कर प्रस्तुत कर रही है, हालांकि ये मुद्दा असम की राजनीति में नया नहीं है।
- बीजेपी नेता लोगों को बता रहे हैं कि अवैध घुसपैठ संसाधनों पर दबाव डालता है और राज्य की जनसांख्यिकी और सांस्कृतिक पहचान को प्रभावित करता है।
- कानून-व्यवस्था और स्थिरता बीजेपी का दूसरा बड़ा लक्ष्य है।
बीजेपी ने ये दावा किया है
बीजेपी का दावा है कि असम में बीजेपी की सरकार रहते पिछले सालों में शांति और विकास हुआ है और उग्रवाद में कमी आई है। बीजेपी ने प्रशासनिक सुधार और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार को अपनी उपलब्धियों में गिनाया है। बीजेपी के एजेंडे में बाल विवाह और अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई भी शामिल हैं।