LPG crisis in Rajasthan: राजस्थान सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने हाल ही में एक नई 'कमर्शियल एलपीजी नीति' लागू की है, जिसके तहत सभी उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराया जाएगा।
जयपुर: राजस्थान सरकार कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी को दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। नए नियम इसी दिशा में लागू किए जा रहे हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने नई “कमर्शियल एलपीजी नीति” जारी की है, जिसका उद्देश्य गैस सप्लाई प्रणाली को पारदर्शी बनाना है। मंत्री सुमित गोदारा ने इस बारे में सूचना दी है। मंत्री सुमित गोदारा ने देर रात नई नीति को मंजूरी दी, जिसके तहत अब उपभोक्ताओं को 40 से 100 परसेंट तक ही गैस मिलेगा।

मंत्री ने बताया कि नई नीति का निर्माण क्यों हुआ
8 मार्च को, मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि केंद्र सरकार ने एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर के माध्यम से कमर्शियल आपूर्ति पर रोक लगा दी थी, क्योंकि अमेरिका, इजरायल और ईरान में जारी तनाव के कारण ऐसा हुआ था। 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते, केंद्र सरकार ने एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर के जरिए कमर्शियल आपूर्ति पर रोक लगा दी, ताकि घरेलू ग्राहकों को निर्बाध आपूर्ति मिल सके। नई नीति का उद्देश्य स्थिति में सुधार होने पर आपूर्ति को 70 प्रतिशत तक बहाल करना है।
| उपभोक्ता श्रेणी | गैस आवंटन (प्रतिशत में) |
| सरकारी संस्थान (अस्पताल, स्कूल-कॉलेज (मिड-डे मील), हॉस्टल, पुलिस/सेना मेस ) | 100% |
| निजी शिक्षण संस्थान (कोचिंग सेंटर, निजी स्कूल आदि) | 100 % |
| खाद्य एवं सेवा क्षेत्र (होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, डेयरी सेक्टर) | 60% |
| धार्मिक एवं सामाजिक (मंदिर, विवाह समारोह, धार्मिक आयोजन) | 50% |
| औद्योगिक इकाइयां: फैक्ट्री एवं अन्य इंडस्ट्री | 40% |
| अन्य उपभोक्ता ( सामान्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान) | 50% |
नई नीति से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को समझिए
- अनिवार्य पंजीकृत होना चाहिए: अब किसी भी कमर्शियल उपभोक्ता को बिना रजिस्ट्रेशन के सिलेंडर नहीं मिलेगा। सब कुछ संबंधित ऑयल कंपनी के वितरक से पंजीकृत होना चाहिए।
- PNG प्राथमिक: उपभोक्ताओं को पहले पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के लिए आवेदन करना होगा जिन क्षेत्रों में यह उपलब्ध है।
- औसत खपत का मूल्य: गैस आवंटन अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक की औसत खपत पर निर्भर करेगा। वास्तविक आवश्यकता का आकलन वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को कम करके किया जाएगा।
- कलेक्टर को अतिरिक्त अधिकार मिलेंगे: जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति अतिरिक्त गैस आवंटन कर सकती है अगर किसी जिले में आवंटित कोटा बच जाता है।
- इस नई व्यवस्था का उद्देश्य कालाबाजारी को रोकना है।
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