ऐसे नागरिक जिनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है, लेकिन वह योग्य हैं उनके पास वोटर फॉर्म भरने का विकल्प है।
लखनऊ : यूपी में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) ने जारी की गई सूचना की सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होगी। शुक्रवार तक यह आखिरी अवसर है। नोटिस के दायरे में आने वाले वोटरों का निर्णय उपलब्ध दस्तावेजों और उत्तरों के आधार पर किया जा रहा है। इसके अलावा, नए आवेदनों को फीड करने की प्रक्रिया पूरी तरह से समाप्त हो गई है। 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

नए आवेदनों का फैसला अंतिम चरण में
चुनाव आयोग ने तीन बार यूपी में SIR के विभिन्न चरणों की तारीखें बढ़ाई थीं। 6 मार्च से 27 मार्च तक नोटिस एवं सुनवाई की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। आयोग ने 3.26 करोड़ वोटरों को नोटिस भेजा। 2003 की वोटर लिस्ट से 1.04 करोड़ वोटर मैप नहीं हो पाए हैं। वहीं, 2.22 करोड़ मतदाता तार्किक विसंगति के दायरे में आते हैं। गुरुवार शाम तक, आयोग के सूत्रों ने लगभग हर नोटिस पर सुनवाई पूरी कर ली है। ई-रोल अगले सप्ताह तक बंद हो जाएगा, जिससे नोटिस के बाद बने या हटाए गए वोटरों की वास्तविक संख्या का पता चलेगा।
86 लाख से अधिक लोगों ने मतदान करना शुरू किया
वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने वाले नागरिकों को वोटर फॉर्म भरने की अनुमति है। लेकिन 10 अप्रैल को जारी की जाने वाली अंतिम वोटर्स लिस्ट में केवल उन वोटर्स का नाम होगा, जिन्होंने 6 मार्च तक आवश्यक फॉर्म भर दिए थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, पिछले साल 27 अक्टूबर को पहली बार जारी की गई वोटर लिस्ट के बाद से कुल 86.69 लाख फॉर्म 6 जमा हुए हैं, इसमें से लगभग 70.69 लाख फॉर्म ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद आए हैं।
16.33 लाख वोटरों ने बदलाव का फॉर्म भरा गया
ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नामों को हटाने के लिए करीब 2.68 लाख से अधिक फॉर्म 7 भरा गया है, जबकि 16.33 लाख वोटरों ने अपना विवरण बदलने के लिए फॉर्म भरा गया था। 1.12 लाख फॉर्म पता बदलने, 14.SS लाख विवरण ठीक करने और 31 हजार से अधिक फॉर्म वोटर आई कार्ड बदलने से इसमें संबंध था। फॉर्म 6, 7 और 8 की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है, साथ ही नोटिसों पर सुनवाई और निर्णय भी।
बूथ लिस्ट और विवरण को फिर से देखेंगे
शुक्रवार को नोटिस और सुनवाई की अवधि समाप्त होने के बाद आयोग वोटर लिस्ट को अंतिम करने की प्रक्रिया की ओर बढ़ेगा। सूत्रो का कहना है कि सुनवाई अवधि समाप्त होने पर डुप्लिकेट वोटर या जरूरी दस्तावेज नहीं उपलब्ध करवा पाने वाले लोगों का नाम लिस्ट से हट जाएगा। निर्णय, आवेदन और नोटिस एक बार रीचेक किए जाएंगे ताकि सही नाम न छूट सके। Forms 6, 7 और 8 को अपेडट करके E-Roll Freeze किया जाएगा।
बूथ लिस्ट में एसडीएम स्तर से जांची कि जायेगी
इस दौरान, एसडीएम स्तर से बूथ की सूची भी जांची जाएगी और किसी भी विसंगति को दूर किया जाएगा। आज 1.77 लाख से अधिक बूथ हैं। इसके बाद मतदाता सूची का डेटा वर्जन बनाया जाएगा, जो बूथवार मतदाताओं को समायोजित करेगा। यह भी विस्तृत रूप से जांचा जाएगा। 10 अप्रैल को अंतिम वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।
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