बिहार में बच्चों की बहस कैसे हिंसक हो गई? मनेर में भारी तनाव माहौल, छह लोग फायरिंग और पथराव में घायल

Bihar News: पटना के मनेर क्षेत्र के छितनावा गांव में बच्चों के एक छोटे से विवाद ने भयंकर हिंसा में बदल गया। महिलाओं समेत दर्जनों लोग दो गुटों के बीच हुई पत्थरबाजी और गोलीबारी में घायल हो गए। पुलिस ने मौके से कई खोखे और हथियार बरामद किए हैं। 24 से अधिक उपद्रवियों को त्वरित कार्रवाई में गिरफ्तार कर ली गई हैं

पटना: बिहार की राजधानी पटना से सटे मनेर थाना क्षेत्र के खासपुर पंचायत अंतर्गत छितनावा गांव में एक रूह कंपा देने की घटना हुई है। यहां बच्चों के बीच शुरू हुआ एक छोटा सा झगड़ा जल्दी ही दो गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई में बदल गया. पूरा गांव युद्धक्षेत्र में बदल गया। बातचीत की शुरुआत बच्चों की आपसी कहासुनी से हुई थी, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों पक्षों के बड़े-बुजुर्ग और युवा भी इस बहस में शामिल हो गए। बातचीत से हल हो सकने वाले विवाद कुछ ही मिनटों में इतना उग्र हो गया कि दोनों ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे और अवैध हथियारों से तड़तड़ाहट शुरू हो गया

अशांतिपूर्ण वातावरण बन गया

छितनावा गांव इस हिंसक झड़प के दौरान भयभीत था। भयभीत लोग अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए, और ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए हर जगह भागने लगे। बताया जा रहा है कि गांव की सड़कों पर गोलीबारी और पत्थरबाजी का नंगा नाच लगभग आधे घंटे तक चला। महिलाओं और पुरुषों समेत दर्जनों लोगों ने इस दौरान एक-दूसरे पर क्रूर हमला किया। घायलों में से कई के सिर फट गए हैं, जबकि कई अन्य को शरीर के विभिन्न हिस्सों में गहरी और गंभीर चोटें आई हैं।पुलिस ने मौके से कम से कम चार से पांच गोलीबारी की आधिकारिक पुष्टि की है, जो घटना की भयावहता को दर्शाता है।

पुलिस के टीम पूरा एक्टिव हो गया

मनेर थाना के थानाध्यक्ष रजनीश कुमार ने भारी पुलिस बल के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने की सूचना प्राप्त की। हालाँकि, उपद्रवियों ने पुलिस की उपस्थिति के बावजूद एक-दूसरे पर पत्थर बरसाते और फायरिंग करते रहे। स्थिति खराब होते देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए उपद्रवियों को खदेड़ा। पुलिस ने घटनास्थल से ही दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटनास्थल पर दो देसी कट्टा, पांच खोखे और एक जिंदा कारतूस बरामद किए, जो इस बात का प्रमाण है कि हिंसा के दौरान हथियारों का व्यापक इस्तेमाल की गई।

जो घायल हुए उनको अस्पताल में भर्ती करवाया गया

तुरंत सभी घायलों को स्थानीय अस्पताल और पीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ को गंभीर हालत में बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया। पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि विवाद के मूल कारणों और इन अवैध हथियारों के स्रोतों को पता लगाया जा सके। मीडिया को बताते हुए थाना अध्यक्ष रजनीश कुमार ने बताया कि अभी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन गांव के हर कोने-कोने में अतिरिक्त पुलिस की तैनाती की गई है ताकि फिर से कोई बुरी घटना नहीं होगी।

गिरफ्तारी का प्रयास किया गया

उपद्रवियों को बेनकाब करने के लिए पुलिस प्रशासन अब डिजिटल साक्ष्यों का सहारा ले रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा घटना के दौरान बनाए गए मोबाइल वीडियो और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। थानाध्यक्ष ने कहा कि हालांकि अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन कानून व्यवस्था को तोड़ने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वीडियो के आधार पर अन्य भागने वाले अपराधी की पहचान करने के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है। ग्रामीणों से प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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