Aurangabad की खबरें: बिहार में तीन छोटे बच्चों की हत्या का मामला सामने आया है। इस हत्याकांड के बाद इलाके में हिंसा फैल गई। माना जाता है कि बच्चों के अपने चाचा ने हत्या कर दी है। तीनों एक ही परिवार से हैं। पुलिस जांच में लगी हुई है।
औरंगाबाद: गांव रोज़ की तरह सुबह शांत था। लेकिन कोई नहीं जानता था कि कुछ ही मिनटों में खुटहन गांव चीख-चीख कर रोने लगेगा। शुक्रवार सुबह 8 से 9 बजे के बीच हसपुरा थाना क्षेत्र के इटवा पंचायत के खुटहन गांव में एक ही परिवार के तीन मासूम बच्चों को बेरहमी से मार डाला गया। बच्चों के अपने ही चाचा अमंत पाल (18) पर आरोप है, न कि किसी दूसरे पर।

हत्या बंद कमरे में किया गया
मृतक घर के एक कमरे में तीन बच्चों के शव मिले: दस वर्षीय अनीष, सात वर्षीय आयुष और पांच वर्षीय अनुष्का। गले पर बिखरा खून और धारदार हथियार के गहरे निशान। दरवाजा अंदर से बंद था, और जब लोगों ने उसे खोला, तो अंदर का दृश्य देखकर हर कोई कांप गया। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी ने घटनास्थल पर तेज आवाज में गाना चला रखा था ताकि बच्चों की चीखें बाहर नहीं निकल सकें। उसने आत्महत्या की और अपना गला काट लिया। वह गंभीर स्थिति में है और अस्पताल में भर्ती है।
खुला भयानक राज पर्दाफाश
बच्चों की मां अनीता देवी घटना के समय घर पर थीं। उन्हें लगता था कि कुछ अजीब है, लेकिन दरवाजा नहीं खुला, तो शोर हुआ। कोई कभी भूल नहीं पाएगा कि दरवाजा टूट गया था। बताया जा रहा है कि अनीता देवी और उनकी सास के बीच पिछले दस दिनों से घर में पारिवारिक विवाद चल रहा था, जिससे घर में तनाव था। ग्रामवासियों ने बताया कि आरोपी पहले से ही अनियमित व्यवहार करता था और अक्सर बाहर रहता था। वह दो दिन पहले घर लौटा था, जब यह भयानक वारदात हुई।
कई प्रश्न अभी भी हैं
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। जबकि हत्या की वास्तविक वजह अभी भी स्पष्ट नहीं है, आरोपी की पारिवारिक परेशानियों और उसके मानसिक स्वास्थ्य की जांच का मुख्य मुद्दा हैं। आरोपी की शादी भी उसी वर्ष हुई थी। ग्रामवासियों का कहना है कि अमंत पाल सनकी है, लेकिन पुलिस भी इस मुद्दे की जांच कर रही है। बच्चों के पिता गुड्डू, जो ट्रेन में भोजन बनाने का काम करते हैं, घटना के समय घर नहीं थे। वह भी छह दिन पहले अपने गांव खुटहन गए थे और मुंबई पहुंचते ही उनके मासूम संतानों की हत्या की खबर मिली।
तेज स्वर का संगीत
ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी ने घटनास्थल पर तेज आवाज में संगीत चला रखा था, ताकि बच्चों की चीख-पुकार बाहर न पहुंचे। घटना को अंजाम देने के बाद, उसने धारदार हथियार से अपना गला काट लिया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया, जहां से उसे बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया है। तीन छोटे बालक एक ही घर में मर गए। गाँव खुटहन में शांत है। हर कोई दुखी है और परिवार को बहुत दुःख है।ये सिर्फ एक खबर नहीं है..। घटना इंसानियत को हिला देती है।
कारण अभी भी रहस्यमय है
दाउदनगर एसडीपीओ अशोक कुमार दास और सर्किल इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। घटनास्थल पर पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की गहन जांच की जा रही है। हालाँकि, हत्या के पीछे की स्पष्ट वजह अभी नहीं मिली है, लेकिन आरोपी की पारिवारिक बहस और उसके मानसिक स्वास्थ्य पर कई प्रश्न उठ रहे हैं। पूरा गांव इस दुःखद घटना से घबरा गया है। तीन छोटे बच्चों की एक साथ हत्या से हर कोई स्तब्ध है और पीड़ित परिवार को बहुत दुःख हुआ है।
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