Sitamarhi की खबरें: बिहार के सीतामढ़ी जिले में एक ट्रांसफॉर्मर को ठीक करने चढ़े मिस्त्री की बिजली विभाग की लापरवाही से मौत हो गई। उसने ट्रांसफॉर्मर को ठीक भी नहीं किया था, इसलिए उसमें बिजली नहीं दी गई थी। बाद में क्रोधित लोगों ने जूनियर इंजीनियर को वहीं मार डाला।
सितामढ़ी: सीतामढ़ी जिले में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। लापरवाही से बिजली मिस्त्री की जान चली गई। वरिष्ठ अभियंताओं के निर्देश पर, एक मिस्त्री ट्रांसफार्मर को ठीक करने के लिए पोल पर चढ़ गया। उसने इससे पहले शटडाउन लेकर बिजली कटवा दी थी। लेकिन इसी बीच किसी ने बिजली को लापरवाही से चालू कर दिया और मिस्त्री करंट की चपेट में आकर मर गया।

चली गई बुद्धिमान और योग्य मिस्त्री की जान गलती के चलते
यह मिस्त्री विभाग सुंदरेश्वर साह नामक काफी तेज और बुद्धिमान था। उसने ट्रांसफार्मर पर चढ़ने से पहले बिजली कटवा दी थी, ताकि किसी अप्रिय घटना का शिकार न हो, लेकिन उसे नहीं मालूम था कि जिस बिजली के तारों से वह दिन-रात खेलता था, उसी तार में एक लापरवाही का करंट एक दिन उसकी मौत की बड़ी वजह बन जाएगा। पोल पर चढ़ गया। बिजली की खराबी ठीक हो ही रही थी कि किसी विभागीय कर्मचारी की लापरवाही से बिजली चालू हो गई, जिससे मिस्त्री साह करंट से मर गए।
जूनियर इंजीनियर को पुलिस के सामने पिटाई चालू
सोमवार की शाम को यह घटना हुई है। घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर और पुलिस भी मौके पर पहुंचे। लेकिन क्रोधित लोगों ने जूनियर इंजीनियर को बुरी तरह से पीटा। पुलिस भी उन्हें बचाने में असफल रही। बाद में शव को परिजनों और स्थानीय लोगों ने सड़क पर जाम कर दिया। लोग अभियंताओं पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग कर रहे थे और उचित दंड की मांग कर रहे थे। प्रशासन ने इस तरह समझाकर जाम खत्म कर दिया।
मरने पर तीन अभियंताओं के वेतन पर प्रतिबंध हो गया
घटना रैनशंकर गांव में हुई है, जो जिले के रून्नीसैदपुर प्रखंड में है। डीएम रिची पांडेय ने घटना को गंभीरता से लिया है। उन्हें सहायक अभियंता, कनीय अभियंता और विभागीय कार्यपालक अभियंता का वेतन भुगतान रोक दिया गया है। इस दुःखद घटना की जांच करने का भी आदेश दिया गया है।
एडीएम ने जांच टीम का नेतृत्व किया
डीपीआरओ कमल सिंह ने बताया कि डीएम ने घटना की जांच के लिए एडीएम, आपदा बृजभूषण पांडेय के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है, जिसमें सदर एसडीएम, सदर डीएसपी और विद्युत कार्यपालक अभियंता भी शामिल हैं। परीक्षण टीम को घटनास्थल का तुरंत निरीक्षण करने और संबंधित पक्षों से जानकारी प्राप्त करने और जवाबदेही निर्धारित करने के लिए शीघ्र विस्तार से रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता को गंभीरता से लेने का आह्वान किया गया है।
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