पूर्णिया के लकी अंसारी की कहानी: पिता बनाते हैं फुटपाथ पर घड़ी, बेटा बनाता है बिहार इंटर आर्टस का दूसरा सर्वश्रेष्ठ

Purnia Lucky Ansari दूसरे राज्य का विजेता: पूर्णिया जिले के लक्की अंसारी ने कला संकाय में प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल कर अपनी सफलता का परचम लहराया है। फुटपाथ पर घड़ियों को ठीक करने का काम लक्की के पिता करते हैं।

पूर्णिमा: आज, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 का रिजल्ट घोषित किया। पूर्णिया जिले के लक्की अंसारी ने इस बार कला क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया। बिहार में कला क्षेत्र में लक्की अंसारी ने दूसरा स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। लक्की ने परीक्षा में 500 में से 478 अंक प्राप्त किए हैं।

पिता फुटपाथ पर घड़ियों की मरम्मत करते हैं

लक्की अंसारी पूर्णिया (वार्ड 27) के सहायक खजांची हाट में रहते हैं। उन्होंने एक अत्यंत साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से निकलकर यह मुकाम हासिल किया है, जो उनकी सफलता को खास रूप से मान्यता देता है। उनके पिता मो. इम्तियाज अंसारी फुटपाथ पर घड़ी की मरम्मत करते हैं और परिवार को पालते हैं।

लक्की अंसारी प्रत्येक दिन पांच से छह घंटे पढ़ाई करते थे

उसकी कमाई के बावजूद, लक्की ने पढ़ाई जारी रखी। ताकि परिवार की मदद कर सकें, उन्होंने इस दौरान करीब छह महीने तक एक दवा दुकान में भी काम किया। बावजूद इसके, उन्होंने पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई पर दिया और हर दिन छह से सात घंटे अध्ययन किया। पटना की अदिति कुमारी ने कॉमर्स में उत्कृष्टता हासिल की है।

लक्की ने अपनी सफलता के लिए अपने माता-पिता और शिक्षकों को धन्यवाद दिया है। उन्हें बताया गया कि कोचिंग के अलावा उन्होंने ऑनलाइन माध्यमों की भी मदद ली, जिससे उन्हें पढ़ाई में काफी सहूलियत मिली। लक्की अंसारी का लक्ष्य भविष्य में शिक्षक बनना है। उनका मानना है कि सिर्फ शिक्षा से समाज बदल सकता है।

मात्र एक अंक की कमी से टॉपर बनने से

लक्की के घर में इस उपलब्धि से खुशी है। लक्की, परिवार के अनुसार, शुरू से ही पढ़ाई में दिलचस्पी रखता है और बहुत मेहनत करता है। उसकी यह सफलता पूरे जिले के लिए गर्व की बात है, हालांकि वह सिर्फ एक अंक से राज्य में पहला स्थान हासिल करने से चूक गया था।

बेटे की सफलता पर परिवार गर्व करता है

लक्की के पिता मो. इम्तियाज अंसारी ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि आज उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। वहीं, उनकी मां ने बताया कि लक्की ने कठिन हालात में भी कभी हार नहीं मानी और लगातार मेहनत की।

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