असदुद्दीन ओवैसी ने गंगा नदी में नाव पर भोजन करने से धार्मिक भावनाएं कैसे प्रभावित हुईं?

Ganga River Iftar Party पर Asaduddin Owaisi: नॉन वेज इफ्तार मामले ने गंगा नदी पर सवार होकर राजनीतिक रंग ले लिया है। Assaduddin Owaisi इस मामले में शामिल हो गया है।

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी में एक नाव पर इफ्तार पार्टी का मामला तूल पकड़ चुका है। गुरुवार को कोतवाली पुलिस ने आरोपियों को जिला जेल से कोर्ट में पेश किया, मामले में दो और नई धाराएं जोड़ते हुए। ACJM (नवम) अमित कुमार यादव ने चौबीस आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर फिर से जेल भेज दिया। नाविक को जान से मारने की धमकी, नाव कब्जे में लेने की धमकी और आईटी एक्ट की धारा भी लगाई गई हैं। वहीं, इस मामले में अब राजनीति भी कम हो गई है। इस पूरे मामले पर AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ा हमला बोला है। उनका कहना था कि गंगा नदी में नाव पर खाना खाने से किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाएं खराब हो गईं।

ओवैसी ने हमला बोल दिया

AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम में वाराणसी में गंगा नदी में हुए इफ्तार का जिक्र किया। वाराणसी में चौबीस मुस्लिम युवकों ने एक नाव पर अपना रोजा खोला। उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया। उनका कहना था कि कल को मैं लेक पर नाव लेकर रोजा खोलूँगा। साथ ही, उन्होंने रोजा खोलने के विभिन्न तरीकों पर भी टिप्पणी की। साथ ही उन्होंने कहा कि उन युवा लोगों ने रोजा खोला था। चिकनी बिरयानी खरीदी। अब आपको बताया गया है कि आपने रोजा खोला है, इसलिए बीएनएस 298 के तहत आप पर केस दर्ज किया गया है।

ओवैसी ने तीव्र आलोचना करते हुए कहा कि अगर कोई गंगा में नाव पर खाना खाता है, तो किसी की धार्मिक भावनाएं कैसे सुधर सकती हैं? किसकी धार्मिक भावनाएं बिगड़ गई हैं? क्या आप गंगा में सीवेज का कचरा फेंकने से दुखी नहीं होते? उनका प्रश्न था कि क्या ऐसा करने वाले जेल में हैं?

ओवैसी ने इफ्तार पार्टी से जुड़े युवकों पर केस दर्ज करने और जेल भेजे जाने पर कहा कि उनका एकमात्र गुनाह यह है कि वे मुसलमान हैं। तुम्हारी तो धार्मिक भावनाएं हैं, लेकिन मेरी? रमजान के महीने में पेय पदार्थों की दुकानें क्यों खुली रहती हैं? वे बंद होना चाहिए था। लेकिन मेरी धार्मिक भावनाएं इससे प्रभावित नहीं होंगी क्योंकि वे खुले रहे?

वाराणसी में मामला चर्चा में है

गंगा नदी में एक नाव पर इफ्तार की मांग उठी है। भाजयुमो महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने इस मामले की शिकायत की है। इसलिए उन्होंने आत्मघाती धमकी देने का आरोप लगाया है। 16 मार्च को इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था, तब से यह विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ओवैसी ने अब मामले में फंसे युवा लोगों को बचाया है।

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