मोदी सरकार को अब ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के बीच जारी युद्ध को रोका जाना चाहिए। यह मांग सार्वजनिक रूप से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने की है।
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि मोदी सरकार को ईरान और अमेरिका-इजरायल में संघर्ष समाप्त करने का अवसर मिल गया है। उनका कहना था कि युद्ध को रोकना आवश्यक था क्योंकि इससे पूरी दुनिया को नुकसान हो रहा है, न सिर्फ भारत को।

भारत को दुनिया भर के कई देशों ने ईरान और अमेरिका-इजरायल में जारी युद्ध को रोकने के लिए देखा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और फिनलैंड ने औपचारिक रूप से भारत से मांग की है कि अगर वह इस युद्ध का नेतृत्व करे तो इसे रोका जा सकता है। कांग्रेस के पूर्व सांसद और राजनयिक शशि थरूर ने भी यही कहा है।
शशि थरूर ने कहा कि मोदी सरकार ने युद्ध को रोकने का प्रयास किया
केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने एएनआई से कहा, ‘मैं सार्वजनिक रूप से इस लड़ाई को रोकने के लिए (मोदी) सरकार अब आगे बढ़कर पहल करे। मुझे लगता है कि दोनों पक्ष खुलकर ऐसी जगह पहुंच गए हैं जहां किसी का भला नहीं होगा।’
दुनिया भर भारत कि ओर नजर झुकाएं हुए हैं
ईरान युद्ध में भारत की कुटनीति दुनिया भर में सराहना हुई है। यही कारण है कि यूएई और फिनलैंड ने भारत से दखल देकर इसे रोका है। यूएई ने यहां तक कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस युद्ध और इस ब्रेक के बीच फोन किया है।
भारत की ईरान युद्ध में सफल कूटनीति
- युद्ध ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला करने के बाद से दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में तनाव बढ़ा है।
- ईरान के प्रधानमंत्री अयातुल्ला अली खामेनेई ने इस हमले के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया।
- भारत इसके कारण विश्वव्यापी तेल और गैस संकट से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।
- भारत ने ईरान सहित युद्ध में लगे सभी पक्षों से कूटनीतिक बातचीत अपने स्तर पर शुरू की।
- इससे भारतीय एलपीजी टैंकर (शिवालिक और नंदा देवी) और तेल टैंकर (जग लाडकी) भीषण जंग के बीच युद्धग्रस्त क्षेत्र से गुजरते हुए धीरे-धीरे भारत आने लगे।
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