लखनऊ: Delhi: 17 साल के बेटे के आगे झुकना पड़ा पिता, जिसके चलते  पौने चार लाख रुपये की बुलेट दिया अंत में खतरा बन गया

रोड दुर्घटना, Lucknow: 17 वर्षीय किशोर ने लखनऊ के गोमती नगर विस्तार में स्कूटी से टक्कर खाई जब वह 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से स्टंट कर रहा था।

लखनऊ : रविवार को राजधानी लखनऊ के गोमती नगर विस्तार क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को अनजाने में खत्म कर दिया। यूपीसीएल में तैनात एसडीओ गम इकबाल ने अपने इकलौते नाबालिग बेटे नैतिक कुमार की जिद पर झुकते हुए लगभग पौने चार लाख रुपये की बुलेट जीटी बाइक दी। लेकिन बाइक परिवार के लिए यही काल बन गया।

स्टंट पर 135 किमी/घंटा की गति

रविवार सुबह पुलिस ने बताया कि 17 वर्षीय नैतिक बाइक पर जनेश्वर मिश्र पार्क पहुंचा था। कुछ लोग वहां स्टंट की वीडियो बना रहे थे। बताया जा रहा है कि वीडियो बनते देखकर नैतिकता भी मन में आ गई। इसी समय उसने अपनी बाइक की गति अचानक बढ़ा दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाइक की गति लगभग 135 किलोमीटर प्रति घंटे थी। तेज रफ्तार से नियंत्रण खो गया और एक स्कूटी से जोरदार टक्कर हो गई।

टक्कर इतनी भयंकर थी कि नैतिक कई फीट दूर चला गया और सड़क पर गिरकर घिसत्ते हुए चली गई बाइक का परखच्चा उड़ गया। मौके पर उपस्थित लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को तुरंत सूचना दी। घायल व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत बताया।

लापरवाही और हेलमेट नहीं पहनने की वजह

पुलिस जांच में पता चला कि किशोर बिना हेलमेट के बाइक चला रहा था। माना जाता है कि इस हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार और स्टंटबाजी थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।

परिवार की पीड़ा बहुत ज्यादा बढ़ गया

हादसे के बाद से परिवार काफी दुखी है। पिता को अपने बेटे की हर उम्मीद पूरी करने में खुशी मिलती थी, लेकिन अब वह उम्मीद पिता को पूरी जिंदगी पछतावा देती है। परिजनों का कहना है कि काश उस दिन उसे समझा लिया होता। मित्रों का आना-जाना लगा हुआ है और घर में मातम है।

माता-पिता के कर्तव्यों पर भी प्रश्नचिन्ह

मोटर व्हीकल एक्ट भी इस मामले को महत्वपूर्ण मानता है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार, अभिभावक को नाबालिग को गाड़ी चलाने की अनुमति देने पर जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। ऐसे मामलों में नाबालिगों को 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिल सकता, वाहन का रजिस्ट्रेशन एक वर्ष के लिए निरस्त किया जा सकता है, ₹25000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, या गंभीर मामलों में जेल।

पुलिस की कठोरता

हादसे के बाद पुलिस ने सड़कों को सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष अभियान चलाया। गोमती नगर विस्तार क्षेत्र में दो घंटे तक चले अभियान में सात बाइकों को गिरफ्तार कर लिया गया और 59 वाहनों को चालान किया गया। पुलिस ने कहा कि ओवरस्पीडिंग, स्टंटबाजी और बिना हेलमेट के वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

एक हादसा जो चेतावनी बन गया

यह हादसा फिर से चेतावनी देता है कि रफ्तार करना और स्टंट करना घातक हो सकता है। अभिभावकों को अपने बच्चों को सुरक्षित रखने और लापरवाही से परिवार को लंबे समय तक दुःख देने से बचाने के लिए भी सावधान रहना चाहिए।

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