Anant Singh की राजनीतिक छुट्टी: Anant Singh ने राजनीति छोड़ने का घोषणा किया है। उनका दावा था कि उनके बेटे अब चुनाव लड़ेंगे। लेकिन अनंत सिंह ने राजनीति से रिटायरमेंट क्यों लिया? हम जानते हैं
पटना: बिहार की राजनीति में मोकामा के प्रसिद्ध नेता और जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने सक्रिय राजनीति को छोड़ दिया है, जो उनका नाम है ‘छोटे सरकार’। सोमवार को राज्यसभा चुनाव में भाग लेने पहुंचे अनंत सिंह ने खुद घोषणा की कि वे अब चुनाव नहीं लड़ेंगे। “बिहार में नीतीश कुमार नहीं होंगे, नीतीश चुनाव नहीं लड़ेंगे, तो वे भी चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगे,” अनंत सिंह ने कहा।मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मोकामा-बाढ़ अब उनके बेटे की जिम्मेदारी होगी।

अनंत सिंह के कितने बच्चे हैं?
अनंत सिंह के तीन बेटे हैं: अभिषेक, अंकित और अभिनव। इनके जुड़वा अंकित सिंह और अभिषेक सिंह हैं। माना जाता है कि अनंत सिंह अब अपने बेटों को राजनीति में लाएंगे। इन सबके बीच, एक ही प्रश्न उठता है कि अनंत सिंह ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा क्यों की? तीन संभावित कारण हैं। तुम्हें पता है..।
अनंत सिंह की बढ़ती उम्र और कानूनी समस्याएं
अनंद सिंह ने राजनीति से रिटायरमेंट का ऐलान किया है, शायद उनकी बढ़ती उम्र। अनंत सिंह ने 2025 के बिहार चुनाव के दौरान जो चुनावी हलफनामा दिया था, उसके अनुसार उनकी उम्र अभी 64 साल है। उनके खिलाफ 28 क्रिमिनल केस हैं। 2030 में बिहार में अगला विधानसभा चुनाव होगा। तब तक अनंत सिंह 69 वर्ष का हो जाएगा। ऐसे में अनंत सिंह जानते हैं कि बेटों को समय रहते विरासत दी जाएगी।
क्षेत्र में परिवार का दबाव कायम
तीसरी वजह से अनंत सिंह ने राजनीति से संन्यास ले लिया हो सकता है, शायद पारिवारिक दबदबे को बचाए रखना। अनंत सिंह के परिवार का दबदबा पिछले 35 साल से मोकामा और उसके आसपास के क्षेत्रों (बाढ़, मुंगेर, लखीसराय, बरबीघा) में है। 2000 में उनके भाई दिलीप सिंह ने केवल एक बार हारी थी। लेकिन इसके बाद मोकामा की जीत उन्हें ही मिलती रही है, चाहे अनंत सिंह जेल में हों या बाहर। अनंत सिंह अब अपने बेटों के माध्यम से इस श्रृंखला को आगे बढ़ाना चाहेंगे।
अनंत सिंह को सजा का डर है क्या?
तीसरी वजह, जो अनंत सिंह को रिटायर कर सकती है, वह सजा का भय हो सकता है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में अभी अनंत सिंह जेल में हैं। उन पर BNS की धारा 103 (हत्या) के तहत आरोप लगाए गए हैं। अनंत सिंह को इस मामले में दोषी ठहराया जा सकता है, तो उन्हें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। ऐसे हालात में परिवार के किसी सदस्य का सत्ता या राजनीति में रहना आवश्यक है, ताकि मुश्किल समय में राजनीतिक सुरक्षा और पार्टी नेतृत्व से संपर्क बना रहे।
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