Jayati Singh, IAS: ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच बड़वानी में गैस सिलेंडर की आग ने आम आदमी को घायल कर दिया है। कलेक्टर जयति सिंह ने गैस बचाने के लिए खान-पान बदलने की सलाह दी है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
बड़वानी: रसोई गैस (LPG) की आज बहुतायत मध्य प्रदेश में है। अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते सप्लाई चेन पर पड़े असर ने आम आदमी की रसोई का बजट खराब कर दिया है। इस बीच, बड़वानी कलेक्टर जयति सिंह ने अपना एक बयान देकर विवाद पैदा किया है। उन्हें गैस बचाने के लिए लोगों को रोटी और पराठे की जगह कुछ और खाने की सलाह दी गई है, लेकिन उन्हें सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया मिली है।

क्या है पूरी बहस?
दरअसल, गैस एजेंसियों पर सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लगी हुई हैं और कालाबाजारी की खबरें आम हैं हो गया हैं। कलेक्टर जयति सिंह ने इस समस्या पर चर्चा करते हुए कहा कि शादियों में इंडक्शन चूल्हा और डीजल भट्टी का उपयोग किया जाना चाहिए ताकि ईंधन बचाया जा सके। साथ ही, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि रोटी-पराठे, जो ज्यादा गैस खर्च करते हैं, उनकी जगह कुछ और खा सकते हैं।
सोशल मीडिया में फूटा क्रोध
कलेक्टर ने अपना इंटरव्यू वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा करते ही उन्हें सच्चाई बताने वाले कमेंट्स की भारी मात्रा मिली। ‘मैडम, जिले में गैस सिलेंडर बुक नहीं हो रहा और ब्लैक में ₹2000 में बिक रहा है,’ एक यूजर ने लिखा। जनता को शिक्षित करने के बजाय कालाबाजारी को रोकने पर फोकस करें।और एक ने लिखा, “एजेंसी वाले सही से डिलीवरी नहीं कर रहे और आप कह रहे हैं कि रोटी बनाना छोड़ दें?” धरती पर आओ।’
क्या विवाद है और IAS जयति सिंह कौन हैं?
| विवाद क्यों | IAS जयति सिंह (कलेक्टर, बड़वानी) का वायरल हुआ वीडियो |
| क्या बोलीं थी कलेक्टर | “गैस को बचाना है तो रोटी-पराठा के स्थान पर अन्य व्यंजन चुनें” |
| शादियों के लिए विकल्प | डीजल भट्टी और इंडक्शन चूल्हे का उपयोग करने की सलाह दिया गया |
| जनता क्या कह रही? | सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग; जमीनी हकीकत जानने की नसीहत दिया |
| ग्राउंड रिपोर्ट (बड़वानी) | सिलेंडर के लिए जो कालाबाजारी जारी; उनका ₹2000 तक चला गया चुके हैं दाम |
| संकट का मूल कारण | ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव से बिगड़ी ग्लोबल सप्लाई चेन |
| कलेक्टर का प्रोफाइल | 2016 बैच की आईएएस, पूर्व बैंक मैनेजर, AIR 94 (UPSC) |
| पारिवारिक पृष्ठभूमि | उनके भी पति शिवम वर्मा भी आईएएस हैं (इंदौर के कलेक्टर) |
क्या है पूरी ममला को जाने?
वैश्विक परिस्थितियों (ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव) ने मध्य प्रदेश में संकट पैदा किया है। बड़वानी जैसे जिलों में हालात अलग हैं, हालांकि सरकार कहती है कि किल्लत नहीं है। जयति सिंह से पहले भी कई आईएएस अधिकारी ऐसे बयानों के चलते जनता के निशाने पर रहे हैं। बड़वानी में लोग सुझाव देने के बजाय सप्लाई व्यवस्था को सुधारने की मांग कर रहे हैं।
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