Farioq Abdullah पर हमला: जम्मू में एक शादी समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर बहुत करीब से फायरिंग की घटना ने सनसनी फैला दी। सुरक्षा बलों ने आरोपी कमल सिंह जामवाल को तुरंत गिरफ्तार कर लिया और पिस्तौल बरामद कर ली। उसने शुरूआती पूछताछ में 20 साल से हमला करने की इच्छा व्यक्त की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए आतंकी एंगल से इनकार कर दिया है।
जम्मू-कश्मीर में हो रहे एक शादी समारोह में बुधवार रात अचानक हड़कंप मच गई। यहां एक व्यक्ति ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को बहुत करीब से गोली मार दी। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला जम्मू के ग्रेटर कैलाश के होटल रॉयल पार्क में एक विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। घटना के समय जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी भी उपस्थित थे।

पुलिस ने बताया कि हमलावर के द्वारा फारूक अब्दुल्ला को पीछे से पिस्तौल से गोली मारने का प्रयास किया गया । साथ ही, घटना का सीसीटीवी फुटेज को देखे तो सामने आया है, जिनमें मुजरिम को बहुत ही करीब से पिस्तौल को तानते हुए दिखाया गया है। यद्यपि मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों की तत्परता ने बड़ी दुर्घटना को रोकने में सफल रहा और फारूक अब्दुल्ला कि जान बाल-बाल बच गई।
आरोपी को कुछ सेकंड में गिरफ्तार किया गया
फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग कि आवाज को सुनते ही सुरक्षा बल ने तुरंत अपने काम में लग गए। जम्मू-कश्मीर पुलिस के सुरक्षा टीम द्वारा मौके पर हमलावर को धर दबोचा। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को पहले सुरक्षा कर्मियों ने जमीन पर लिटाकर काबू में लिया। उसने पिस्तौल की गोलियां भी निकाल दीं, ताकि वह फिर से हमला नहीं कर सके। फारूक अब्दुल्ला को तत्काल सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया।
आरोपी को सुरक्षा टीम ने गिरफ्तार कर स्थानीय पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपी से वारदात में प्रयोग की गई पिस्तौल भी बरामद की है।
फारूक अब्दुल्ला पर हमला करने वाला व्यक्ति कौन है?
पुलिस जांच ने हमलावर को कमल सिंह जामवाल बताया है। वह जम्मू में रहता है और पुराने शहर क्षेत्र में कुछ दुकानों से किराया लेता है। बताया जा रहा है कि वह होटल रॉयल पार्क में अपने चचेरे भाई के बेटे की शादी में शामिल होने गया था।
शुरुवात के पूछताछ में आरोपी ने अजीब तरह कि आश्चर्यचकित खुलासा कि गई । उसने पुलिस को यह बताया कि वह करीब पिछले लगभग बीस साल से फारूक अब्दुल्ला को मारने की इच्छा रखता था और तब पश्चात शादी समारोह के दिन मौका का फायदा उठाकर फारूक अब्दुल्ला पर उसने गोली चला दी। पुलिस का कहना है कि फायरिंग में जो पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया उनकी लाइसेंस बना हुआ था।
उपमुख्यमंत्री को कम दर्द
फारूक अब्दुल्ला को किसी तरह चोट कि घटना उनके साथ नही हुआ , लेकिन उनके साथ में रहे उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी को थोड़ा बहुत चोट लग गया। लेकिन उनकी स्थिति में हुआ और वह अभी खतरे से बाहर बताया जा राह है।
CM उमर अब्दुल्ला ने व्यक्त की चिंता
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के पुत्र
यह घटना उमर अब्दुल्ला को चिंतित करती है “अल्लाह मेहरबान हैं, मेरे पिता बाल-बाल बच गए,” उन्होंने एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा। अब तक पूरी जानकारी नहीं मिली है, लेकिन एक व्यक्ति ने भरी हुई पिस्तौल लेकर बहुत करीब पहुंचकर गोली चला दी।’
उमर अब्दुल्ला ने सुरक्षा प्रणाली एक तरह की सवाल के घेरे में खड़ा किया और पूछा गया कि एक पूर्व मुख्यमंत्री के निकट हथियार को धरकर कैसे पहुंच गया. लेकिन वह तो राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड द्वारा संरक्षित था।
अब तक क्या जानकारी मिली?
Q. फारूक अब्दुल्ला पर हमला कब और कहां हुआ?
A. यह जम्मू के ग्रेटर कैलाश क्षेत्र में होटल रॉयल पार्क में एक शादी समारोह के दौरान हुआ। जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला कार्यक्रम में उपस्थित थे।
Q.फारूक अब्दुल्ला पर हमला करने वाले व्यक्ति का नाम क्या है?
A. हमलावरों को पुलिस ने कमल सिंह जामवाल बताया है। वह जम्मू में रहता है और पुराने शहर क्षेत्र में कुछ दुकानों से किराया लेता है।
Q.आरोपी वहाँ कैसे आया?
बताया गया है कि उसके चचेरे भाई के बेटे की शादी उस शादी समारोह में हुई थी। इसलिए वह भी समारोह में शामिल हुआ।
Q.फायरिंग हुआ कैसे?
A.सीसीटीवी फुटेज बताते हैं कि आरोपी फारूक अब्दुल्ला के पीछे पहुंचा और बहुत करीब से पिस्तौल तानकर गोली चला दी। वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया क्योंकि घटना अचानक हुई।
Q.फारूक अब्दुल्ला को क्या चोट लगी?
नहीं, वे बिल्कुल सुरक्षित हैं। हालाँकि, फायरिंग के दौरान उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी को हल्की चोट लगी है।
Q.यह एक आतंकी हमला था?
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में किसी भी आतंकी विचारधारा को खारिज कर दिया है। शुरुआती जांच में इसे व्यक्तिगत हमला माना जाता है।
पुलिस ने टेरर एंगल को बाहर निकाला
फिलहाल, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने घटना में कोई आतंकी साजिश नहीं बताई है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में लगता है कि यह एक निजी घटना है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
घटना हुआ उनके के बाद फारूक अब्दुल्ला के घर और उनकी आसपास के इलाको में अतिरिक्त सुरक्षा को तैनात कर दी गई है। साथ ही, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने उनके घर जाकर मामले कि छानबीन किया देखा। पुलिस ने कहा कि आरोपी से पूछताछ जारी है और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
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